राज्य सरकार और भारतीय तेल निगम लिमिटेड के बीच हुए जैव-सीएनजी संयंत्र स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

349

हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में राज्य में पराली और अन्य कृषि या जैविक अपशिष्ट पर आधारित जैव-सीएनजी संयंत्र स्थापित करने के लिए भारतीय तेल निगम लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ऐसा पहला कम्प्रेसड बायोगैस संयंत्र कुरुक्षेत्र में स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में गुरुवार को चण्डीगढ में भारतीय तेल निगम लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते से राज्य में 2023 तक लगभग 1000 टन प्रतिदिन की कुल क्षमता के 200 कम्प्रेसड बायोगैस संयंत्रों की स्थापना के अवसर खुलेंगे। इसके परिणामस्वरूप प्रतिवर्ष लगभग चार लाख टन कम्प्रेसड बायोगैस का उत्पादन होगा। राज्य सरकार की ओर से हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी के अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र शुक्ला ने और आईओसीएल की ओर से कार्यकारी निदेशक श्री सुबोध कुमार ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फसल अवशेषों को जलाए जाने के मुद्दे से निपटने और कृषि अपशिष्ट के वैज्ञानिक निपटान के लिए राज्य में कृषि अपशिष्ट आधारित बायोमास या अपशिष्ट से कम्प्रेसड बायोगैस या जैव सीएनजी संयंत्रों को बढ़ावा देने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल फसल अवशेषों की बिक्री करने से किसानों की आय में वृद्धि होगी बल्कि ग्रामीण रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।