पंजाब पुलिस की पटियाला में आर्मी कर्नल पुष्पिंदर बाठ से मारपीट के मामले की जांच पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस को सौंप दी है। यह जांच 4 महीने में पूरी करनी होगी। 3 दिन में नई जांच टीम बनेगी, जिसमें पंजाब पुलिस का कोई अधिकारी शामिल नहीं होगा। हालांकि, जांच में पंजाब पुलिस को पूरा सहयोग देना होगा।
इस मामले में पंजाब पुलिस ने SIT गठित की हुई थी, जिसने सबूत इकट्ठा करने के साथ बयान भी दर्ज किए थे, लेकिन हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस की उस दलील को खारिज कर दिया। यह याचिका कर्नल बाठ ने CBI जांच के लिए दायर की थी।
इसी बीच कर्नल की पत्नी जसविंदर कौर बाठ ने एक व्यक्ति को पकड़ा। उनका कहना है कि वह उन्हें ट्रैक कर रहा था। उनकी मूवमेंट की पल-पल की जानकारी और फोटो वॉट्सऐप के जरिए किसी को भेज रहा था। इसके बाद उसे पुलिस को सौंप दिया गया।
जसविंदर कौर बाठ का कहना है कि आज की जजमेंट से वह खुश हैं। उन्होंने कहा- 4 महीने में मुझे न्याय नहीं मिला तो हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। जहां तक सिक्योरिटी की बात है तो मैं गाड़ियों पर आगे पीछे कैमरे लगवाने जा रही हूं, क्योंकि ये लोग कुछ भी कर सकते हैं। एक्सीडेंट भी करवा सकते हैं। पंजाब में गवर्नर शासन लगना चाहिए। राज्य के हालात काफी खराब हैं।
बता दें कि पटियाला में 13-14 मार्च की रात को आर्मी कर्नल से मारपीट की गई। तब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मामला रक्षा मंत्रालय और आर्मी हेडक्वार्टर पहुंचा तो पुलिस ने 9 दिन बाद बाई नेम FIR दर्ज कर 12 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया। इसमें 5 इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। इस घटना को 21 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पंजाब पुलिस अपने ही आरोपी कर्मचारियों को बचाने में लगी है।