अंबाला कैंट के तोपखाना परेड के लोग अपनी जमीन का मालिक आना हक लेने की मांग को लेकर अम्बाला से पद यात्रा करके पंचकूला में सीएम हरियाणा से मुलाकात के लिए पहुचे। अंबाला कैंट से पहुंचे लोग हरियाणा के मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पंचकूला पहुचे। लोगों ने मौजूदा हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार के सामने गुहार लगाई है कि जहाँ पर वह 182 सालो से रह रहे है उसका मालिकाना हक उन्हे दिया जाए। अंबाला कैंट के में कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके बरसों से बसाए घरों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं अंबाला कैंट के तोपखाना परेड कॉलोनी में रह रहे लोग इस समय सहमे हुए है ये लोग अपने बसे बसाए घर को उजड़ने के बुरे सपने से गुजर रहे हैं, यही वजह है कि अपने घरों से निकलकर अब ये लोग सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हैं, तोपखाना परेड कॉलोनी के लोगों को अब बस हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिल अपनी मांग रखने पहुचे। अंबाला कैंट से चंडीगढ़ सीएम आवास तक पैदल यात्रा की है।लोगो का कहना है कि तोपखाना परेड के लोग 182 बरसों से यहां रह रहे हैं , 1843 में तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने लोगों को जमीन लीज़ पर दी,1975 में कैंटोनमेंट बोर्ड ने जमीन की लीज़ खत्म कर दी,कई बार इन जगहों पर बुलडोज़र की कार्रवाई हुई।
इस पदयात्रा की अध्यक्षता कर रहे तिलक राम ने बताया कि जिस स्थान पर वह रह रहे हैं उनकी तीन पूशते जीवन बसर कर चुकी है और उनके घरों को और दुकानों को कंट्रोलमेंट एरिया के द्वारा तोड़ा जा रहा है उन्होंने कहा कि 182 सालों से वह यहां पर रह रहे हैं और उनकी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से गुहार है कि उसे स्थान का मालिक आना हक वहां के लोगों को दिया जाए।
पंचकूला पहुंचने पर पंचकूला पुलिस के द्वारा पर पदयात्रा कर रहे लोगों को जो चंडीगढ़ मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए उनके आवास की तरफ जा रहे थे उन्हें पंचकूला के सेक्टर पांच धरना स्थल पर रोका गया और आश्वासन दिया गया है कि जैसे ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ पहुंचेंगे उनकी मुलाकात करवा दी जाएगी पदयात्रा कर रहे लोगों ने कहा कि वह सेक्टर 5 धरना स्थल में मुख्यमंत्री के आने का इंतजार करेंगे और अपनी मांग को रखेंगे.